बिहार एलपीसी आवेदन की स्थिति (LPC Status) गाइड

भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (LPC) के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद यह जानना बेहद जरूरी है कि आपका सर्टिफिकेट अंचल कार्यालय (ब्लॉक) द्वारा अप्रूव हुआ या नहीं। इस गाइड पेज के माध्यम से आप अपनी वाद संख्या (Case Number) की मदद से लाइव एलपीसी स्टेटस ट्रैक करने और डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड करने का पूरा तरीका स्टेप-बाय-स्टेप समझ सकते हैं।

लाइव एलपीसी स्टेटस ट्रैक करने की फुल डिटेल्स
आवश्यक जानकारी: अपने पास एलपीसी आवेदन की रसीद रखें, जिसमें 'LPC Case Number' (वाद संख्या) और आवेदन का 'वित्तीय वर्ष' (जैसे: 2025-2026 या 2026-2027) साफ-साफ लिखा हो।
👉 स्टेप 1: स्थिति जांचने वाले आधिकारिक लिंक पर जाएँ

सबसे पहले नीचे दिए गए मुख्य गहरे हरे रंग के "ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएँ" बटन पर क्लिक करें, जिससे सीधे 'LPC आवेदन स्थिति देखें' का सरकारी पेज खुलेगा।

👉 स्टेप 2: जिला, अंचल और वित्तीय वर्ष का चयन करें

ड्रॉपडाउन मेनू से अपनी जमीन से संबंधित ज़िले और अंचल (ब्लॉक) का नाम चुनें। इसके बाद जिस वर्ष आपने एलपीसी के लिए आवेदन किया था, वह "वित्तीय वर्ष" सेलेक्ट करके 'Proseed' बटन दबाएं।

👉 स्टेप 3: केस नंबर दर्ज करें और खोजें

अब नीचे दिए गए विकल्पों में से "Case Number" को टिक करें और सामने वाले खाली बॉक्स में अपनी वाद संख्या भरें। आप चाहें तो जमीन मालिक के नाम से भी खोज सकते हैं।

👉 स्टेप 4: सुरक्षा कोड दर्ज करें और 'LPC प्रमाणपत्र' डाउनलोड करें

स्क्रीन पर दिख रहे गणितीय कैप्चा कोड को जोड़कर या घटाकर भरें और "Search" बटन दबाएं। नीचे आपके केस की सूची आ जाएगी। यदि स्टेटस के आगे Approved लिखा है, तो उसके ठीक सामने बने आँख वाले आइकॉन या "View" पर क्लिक करके अपना ओरिजिनल डिजिटल एलपीसी डाउनलोड कर लें।

लाइव एलपीसी आवेदन की स्थिति चेक करने के लिए तैयार हैं?

ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएँ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

LPC आवेदन की स्थिति ट्रैक करने के लिए आपके पास आवेदन करते समय मिली रसीद में दर्ज 'वाद संख्या' (Case Number) या फिर जमीन के मालिक (रैयत) का नाम होना आवश्यक है।

यदि आपके स्टेटस के आगे 'Approved' लिखा आ रहा है, तो इसका मतलब है कि अंचलाधिकारी (CO) द्वारा आपका डिजिटल हस्ताक्षर युक्त LPC प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है। आप उसी लाइन में दिए गए 'View' या 'Download' बटन पर क्लिक करके इसे तुरंत पीडीएफ में सेव कर सकते हैं।

इसका मतलब है कि आपका आवेदन अभी कर्मचारी के स्तर पर जांच के लिए या अंचलाधिकारी के पास फाइनल अप्रूवल के लिए रुका हुआ है। सरकारी नियमों के अनुसार इसमें 15 से 30 दिन का समय लगता है, इसलिए कुछ दिन प्रतीक्षा करें।

हाँ, यदि आपका आवेदन किसी कारणवश रिजेक्ट हो जाता है, तो आप 'View' बटन पर क्लिक करके रिजेक्शन का कारण देख सकते हैं। कमियों (जैसे पुराना शपथ पत्र या बकाया लगान) को ठीक करके आप तुरंत नया ऑनलाइन आवेदन सबमिट कर सकते हैं।