दाखिल ख़ारिज स्थिति: अंचलाधिकारी द्वारा वापस किया गया (समाधान गाइड)
बिहार भूमि पोर्टल पर दाखिल-खारिज स्टेटस चेक करते समय यदि आपको "अंचलाधिकारी द्वारा वापस किया गया" (Returned / Rejected by CO) का संदेश दिखाई दे रहा है, तो इसका सीधा अर्थ है कि आपके म्यूटेशन आवेदन को सीओ स्तर पर खारिज या वापस कर दिया गया है। ऐसा जमीन के कागजातों में विसंगति, पुराने टैक्स बकाया या वंशावली विवाद के कारण होता है। इस गाइड के माध्यम से जानें कि आप रिजेक्शन का असली कारण कैसे देख सकते हैं और इसका सही समाधान क्या है।
👉 स्टेप 1: अपने आवेदन की वाद संख्या खोजें
सबसे पहले नीचे दिए गए "ऑफिशियल स्थिति जांचें" बटन पर क्लिक करके अपना जिला, अंचल और वित्तीय वर्ष चुनकर अपनी दाखिल-खारिज याचिका को सर्च करें।
👉 स्टेप 2: 'View Case' (आदेश पत्रिका) ओपन करें
आपकी जमीन का विवरण स्क्रीन पर आते ही, उस लाइन के आखिरी कॉलम में बने आँख वाले आइकॉन या "View" बटन पर क्लिक करें। इससे आपके केस का पूरा ब्योरा खुल जाएगा।
👉 स्टेप 3: CO का रिजेक्शन आर्डर (Order Sheet) ध्यान से पढ़ें
खुलने वाले नए पेज में सबसे नीचे स्क्रॉल करें। वहाँ आपको "Order Sheet" (आदेश प्रति) का विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करके डाउनलोड करें। इसमें अंचलाधिकारी (CO) द्वारा साफ अक्षरों में लिखा होता है कि उन्होंने किस कमी के कारण आपकी फाइल वापस की है।
👉 स्टेप 4: कमियों को सुधारकर पुनः नया आवेदन करें या अपील करें
यदि वापस करने का कारण कोई दस्तावेज (जैसे वंशावली या रसीद) की कमी है, तो उसे दुरुस्त करें और पोर्टल पर पुनः नया ऑनलाइन आवेदन सबमिट कर दें। लेकिन अगर जमीन पूरी तरह वैध है और अधिकारी ने जानबूझकर गलत आर्डर पास किया है, तो आप इस आदेश की कॉपी के साथ DCLR कोर्ट (भूमि उपसमाहर्ता न्यायालय) में 30 दिनों के भीतर अपील दायर कर सकते हैं।
अंचलाधिकारी का रिजेक्शन कारण और लाइव स्टेटस देखने के लिए तैयार हैं?
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